डायबिटीज और मोटापे से बचाते हैं विटामिन ‘के’ वाले आहार, जानें इसके फायदे और स्रोत

नई दिल्ली। विटामन्स हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं। ये न सिर्फ हमें रोगों से बचाते हैं, बल्कि सेल्स, बालों और त्वचा के निर्माण के लिए भी बहुत जरूरी हैं। विटामिन ‘के’ भी एक ऐसा ही विटामिन है, जो डायबिटीज और मोटापे को कम करने में मददगार है। इसके अलावा ये विटामिन शरीर में चोट आदि लगने पर खून को रोकने में मदद करता है इसलिए बहुत जरूरी विटामिन है। आइए आपको बताते हैं विटामिन ‘के’ के क्या हैं फायदे और किन आहारों से आपको मिलता है ये विटामिन।

किन आहारों से मिलता है विटामिन ‘के’

विटामिन के दो प्रकार के होते हैं, विटामिन के-1 और विटामिन के-2। विटामिन के-1 ऐसा विटामिन है, जो हमें पौधों से प्राप्त होते हैं जैसे- फल, सब्जियों (पत्ता गोभी, ब्रोकली, पालक, चुकंदर, शलजम) और पत्ती वाले आहार आदि।

विटामिन के-2 ऐसा विटामिन है, जो हमें जानवरों से प्राप्त होता है जैसे- दूध और दूध से बने फूड्स (पनीर, दही, चीज़, घी, मक्खन, योगर्ट) आदि। शरीर में विटामिन के की कमी पूरा करने के लिए आपको इन आहारों का सेवन करना चाहिए।

डायबिटीज और मोटापे को कम करे

विटामिन ‘के’ के स्रोत में डायबिटीज से लड़ने की क्षमता होती है। शोध में पाया गया है कि विटामिन के द्वारा हमारे शरीर में एक ऐसे प्रोटीन का निर्माण होता है, जो डायबिटीज और मोटापे को नियंत्रित करता है। इस प्रोटीन को ऑस्टियोकैल्सिन कहते हैं। विटामिन ‘के’ वसा में घुलनशील होता है। विटामिन के शरीर में इन्सुलिन के निर्माण में मदद करता है साथ ही रक्त में शुगर का स्तर ठीक रखता है।

रक्तस्राव को रोकता है

हमारे जीने के लिए सारे शरीर में रक्त का प्रवाह जरूरी है। गहरी चोट लगने पर खून निकलना स्वाभाविक है। लेकिन अगर चोट लगने पर लगातार खून बहता रहे, तो सारे शरीर का खून बाहर निकल जाएगा। इसीलिए ब्लड क्लॉटिंग (रक्त का थक्का) के जरिए प्रकृति ने हमारे रक्तस्राव को बंद करने की व्यवस्था की है।

अगर आपके शरीर में विटामिन ‘के’ की कमी हो जाए, तो ब्लड क्लॉटिंग नहीं हो पाती है और बहुत ज्यादा खून बह जाता है। इसलिए विटामिन के वाले आहारों का सेवन जरूरी है।

हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन ‘के’

हमारी हड्डियों के लिए भी विटामिन ‘के’ बहुत महत्वपूर्ण है। विटामिन ‘के’ की कमी से आपके द्वारा लिया गया कैल्शियम आपकी हड्डियों में ज्यादा अवशोषित होने लगता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

इस विटामिन के कारण नरम ऊतकों में अधिक मात्रा में कैल्शियम अवशोषित होने लगता है। इसलिए धमनियों का सख्‍त होना भी विटामिन ‘के’ की कमी होने का संकेत होता है।

कितनी होती है विटामिन के की जरूरत

  • 0-6 माह का शिशु- 2 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
  • 7 से 12 माह का शिशु- 2.5 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
  • 1 से 3 साल के बच्चे- 30 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
  • 4 से 8 साल के बच्चे- 55 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
  • 9 से 13 साल के बच्चे- 60 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
  • 14 से 18 साल के बच्चे- 75 माइक्रोग्राम प्रतिदिन
  • 19 साल से ऊपर के लोग- 90 माइक्रोग्राम प्रतिदिन

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