पंजाब में बड़े आतंकी गुट का पर्दाफाश, हैंड ग्रैनेड और पिस्तौल समेत दो गिरफ्तार, पढ़ें क्या मकसूंदा ब्लास्ट में है इनका हाथ

आई.एस.आई की सरपरस्ती वाले आतंकवादी गुट का पर्दाफाश

डेली संवाद, चंडीगढ़/पटियाला

सूबे में एस.एफ.जे. की तरफ से रैफरैंडम 2020 की आड़ में फैलायी जा रही हिंसा, आगजनी और आतंकवादी सरगर्मियों पर एक अहम कार्यवाही करते हुए पंजाब पुलिस ने आज पाकिस्तान की सरपरस्ती वाले आतंकवादी गुट खालिस्तान ग़दर फोर्स के एक व्यक्ति शबनमदीप सिंह को पटियाला से गिरफ्तार किया है।

शबनमदीप सिंह देश में चल रहे इन त्योहारों के दिनों में पुलिस थानों/चौकियों और भीड़ -भाड़ वाले इलाकों को अपना निशाना बनाने की खोज में था। पुलिस ने उक्त से एक पिस्तौल, हैंड ग्रनेड, सीटी -100 बजाज प्लैटिना काला मोटरसाईकल, खालिस्तान ग़दर फोर्स और अन्य पाबन्दीशुदा आतंकवादी जत्थेबंदियों के साथ सम्बन्धित लैटर पैड बरामद किये हैं।

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डीजीपी अरोड़ा ने बताया कि पंजाब पुलिस ने रैफरैंडम 2020 को और हवा देने के लिए चलाए जा रहे पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और गुरपतवंत सिंह पन्नूं के भद्दे मंसूबों को असफल कर दिया है और आईएसआई की शह पर एस.एफ.जे की तरफ से पंजाब और देश के अन्य इलाकों में फैलायी जा रही अफरा -तफरी पर भी नियंत्रण पाया है।

‘खालिस्तान ग़दर फोर्स’ के नाम के तहत देता था आतंकवादी सरगर्मियों को अंजाम

डीजीपी अरोड़ा ने कहा कि शबनमदीप की गिरफ्तारी से यह साफ़ हो गया है कि हिंसा, आगजनी जैसी गतिविधियों के द्वारा एस.एफ.जे. रैफरैंडम 2020 को उत्साहित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा यह संगठन पंजाब के गरीब, अनपढ़ सिख नौजवानों को धर्म के नाम पर बरगलाकर अपने जाल में फसा रहा है।

सूबे के हिंसा और अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए एस.एफ.जे द्वारा नौजवानों को बरगलाने के लिए उनके भोलेपन और गरीबी को मुख्य हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने पंजाब के नौजवानों को ऐसी देश विरोधी और सांप्रदायिक ताकतों के बहकावे में न आने के लिए अपील की जो कि इन नौजवानों की जि़ंदगी को हिंसा और ख़ून -खराबे के नरक की तरफ धकेल रही हैं।

शबनमदीप और उसके साथियों की गिरफ़्तारी

डी.जी.पी ने कहा कि शबनमदीप और उसके साथियों की गिरफ़्तारी से यह पता लगता है कि वह एस.एफ.जे के नेताओं के लिए काम कर रहे हैं और इस बात ने एक बार फिर गुरपतवंत सिंह पन्नूं के दावे को झूठा साबित किया है कि उनकी मुहिमों में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और एस.एफ.जे और इसके नेता पंजाब में होने वाली हिंसक घटनाओं को कोई भी फंड मुहैया नहीं करवाते।

इससे पहले बटाला पुलिस ने 31 मई, 2018 को दो कट्टरपंथियों धरमिन्दर सिंह और कृपाल सिंह को गिरफ़्तार किया। जिन्होंने जि़ला पुलिस बटाला के श्री हरगोबिन्दपुर ब्लॉक में पड़ते गाँव हरपुरा धनडोई और पंजगरियों में दो शराब के ठेकों को आग लगा दी थी। इस तरह एस.एफ.जे के इन कट्टड़पंथियों की तरफ से शराब के ठेकों में काम करने वाले गरीब व्यक्ति की जि़ंदगी को भी खतरे में डाल दिया जोकि आग लगाने के दौरान शराब के ठेके के अंदर सो रहा था।

रैफरैंडम 2020 को उत्साहित करने के उद्देश्य से हिंसा फैलाने वाला व्यक्ति गिरफ्तार

अरोड़ा ने कहा कि शबनमदीप सिंह उर्फ मनिन्दर लाहौरिया उर्फ शेरू उर्फ दीप उर्फ बिल्ला पुत्र जसवीर सिंह को जि़ला पटियाला के गाँव दफ्तरी वाला बुरड़, समाना से काबू किया गया जो कि अब राजस्थान के किसी छोटे केस में से ज़मानत पर बरी हुआ था। यह भी पता लगा है कि शबनमदीप एक फेसबुक्क अकाउँट भी चला रहा था जो कि ‘लाहौरिया जाट गिल’ के नाम पर था और जिस पर प्रोफाईल फोटो जरनैल सिंह भिंडरावाले की लगाई हुई थी।

अब तक हुई पड़ताल ने यह खुलासा किया है कि जुलाई 2018 में उसका संपर्क एक जावेद ख़ान नाम के संदिग्ध व्यक्ति के साथ हुआ जोकि पाकिस्तान से पाक इंटेलिजेंस अफ़सर (पी.आई.ओ) था, इसने उसको पाकिस्तानी सिख ‘गोपाल सिंह चावला’ के साथ जानकार करवाया। उसने आगे दो अन्य व्यक्तियों के साथ जान पहचान करवा।

जिन्होंने शबनमदीप को बताया कि वह सिखस फॉर जस्टिस (एस.एफ.जे) के हिमायती थे और उन्होंने उसको अपने अन्य सहयोगी इस मुहिम में शामिल करने के लिए कहा जिससे सिख रैफऱैंडम -2020 का ज़ोर -शोर के साथ बड़े स्तर पर प्रचार किया जा सके।

डी.जी.पी की अपील, देश विरोधी के बहकावे में न नौजवान

प्राथमिक जांच से यह भी पता चला है कि शबनमदीप की जान पहचान आगे एक और नेहाल सिंह नाम के व्यक्ति के साथ करवाई गई, जिसने अपने आप को एस.एफ.जे. का कट्टर वर्कर बताया था। निहाल और पी.आई.ओ. ने शबनमदीप के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और उसको शराब के ठेके को आग लगाने के लिए उकसाते रहे। उन्होंने शबनमदीप को ऐसी अगज़ऩी की वारदातों की वीडीयोज़ बनाकर अखबारी खबरें भेजने के लिए भी कहा था।

ऐसी हिदायतों पर काम करते हुए शबनमदीप और इसके साथियों ने कई शराब के ठेकों और झुग्गियाँ समेत एक घर को आग लगाई, गुजऱे महीने इन तीनों की वीडीयोज भी भेजी। शबनमदीप ने निहाल की तरफ से भेजे गए फंडों से एक सी.टी. -100 बजाज प्लैटिना मोटरसाइकल और एक नया मोबाइल फ़ोन भी खरीदा।

रैफऱैंडम -2020 के प्रचार में शामिल था

शबनमदीप, एक सुखराज सिंह उर्फ राजू पुत्र बलवंत सिंह निवासी गाँव नागोके जि़ला तरनतारन के साथ भी संपर्क में था, जो ख़ुद शराब के ठेके को आग लगाने और रैफऱैंडम -2020 के प्रचार में शामिल था, जिसके बदले उसको विदेशों में से पैसे भी मिले थे। सुखराज सिंह ने टारगैटड किलिंगज के लिए शबनमदीप के साथ हथियारों की सुपुर्दगी के लिए भी संपर्क किया। सुखराज सिंह को अमृतसर पुलिस ने हाल ही में गिरफ़्तार किया था।

इसी दौरान पी.आई.ओ. जावेद ख़ान ने शबनमदीप के साथ संपर्क साधा और खालिस्तान ग़दर फोर्स जत्थेबंदी का नाम और लोगो उसके साथ साझा किया और कहा कि वह खालिस्तान ग़दर फोर्स के लैटर पैड तैयार करवा कर उनको अपने तरफ से अगज़नी और अन्य दहशतगर्दी की वारदातों की जि़म्मेदारी लेने के लिए प्रैस बयान जारी करने के लिए इस्तेमाल करे।

खालिस्तान ग़दर फोर्स जत्थेबंदी का नाम का एक फेसबुक पेज तैयार किया

शबनमदीप और उसके हैंडलर ने खालिस्तान ग़दर फोर्स जत्थेबंदी का नाम का एक फेसबुक पेज तैयार किया जिससे उसकी नयी खड़ी की गई आतंकवादी जत्थेबंदी और इसकी गतिविधियों का प्रचार किया जा सके। जावेद ख़ान ने शबनमदीप को टारगेट किलिंग्ज करने का काम सौंपा और ऐसी हरेक वारदात के लिए 10 लाख रुपए देने का वादा किया।

अक्तूबर 2018 के दूसरे हफ़्ते, शबनमदीप को इसके पाकिस्तान बैठे आकाओं ने एक नया फ़ोन लेने के लिए कहा और अगली बातचीत के लिए इसमें एक नयी मेसेज एप्लीकेशन इंस्टाल करने के लिए कहा।

इसको पिस्तौल और ग्रेनेडज भेजने का भी भरोसा दिया गया और 24 अक्तूबर के आस-पास शबनमदीप को इनकी सुपुर्दगी मिल गई थी और इसको इन हथियारों का प्रयोग पुलिस स्टेशन /पुलिस चौंकी और आगामी त्योहारों के सीजन के दौरान भीड़ -भाड़ वाले स्थानों पर करने के लिए कहा गया था।

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