JET एयरवेज के शेयर खरीदने के लिए नरेश गोयल और एतिहाद ने लगाई बोली

नई दिल्ली। जेट एयरवेज में हिस्सेदारी खरीदने के लिए 7 लोगों/कंपनियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) सबमिट किया है। माना जा रहा है कि इनमें एतिहाद और जेट के संस्थापक नरेश गोयल का भी नाम शामिल है। अन्य पांच जिन्होंने बोली लगाई है, उनमें कैलिफॉर्निया स्थित इन्वेस्टमेंट फर्म टीपीडी, फीनिक्स में मौजूद प्राइवेट इक्विटी फर्म इंडिगो पार्टनर्स, रेडक्लिफ और थिंक इक्विटी और जेट के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट शामिल हैं। जेट एयरवेज के फिलहाल सिर्फ 6-7 विमान ही परिचालन में हैं।

एसबीआई कैप को ईओआई सबमिट करने की डेडलाइन शुक्रवार शाम 6 बजे थी। माना जा रहा है कि गोयल ने अपनी निविदा डेडलाइन खत्म होने के ठीक पहले पेश की है। हालांकि, कई बार कोशिश करने के बाद भी गोयल की टीम की तरफ से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

‘ईओआई लेने की प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हुई

एसबीआई ने जहां ईओआई पर कोई बयान जारी नहीं किया है, वहीं जेट के सीईओ विनय दुबे ने शुक्रवार रात कर्मचारियों को मेल भेजा जिसमें लिखा था, ‘ईओआई लेने की प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हुई और मैं यह मान रहा हूं सार्थक रुचि दिखाई गई और विश्वसनीय ईओआई प्राप्त हुई है। बैंक रुचि दिखाने वाले पक्षों से बातचीत कर रही है और मुझे उम्मीद है कि अगले सप्ताह इस पर चीजें और स्पष्ट होंगी।’

सूत्रों ने बताया, ‘एतिहाद ने यह संकेत दिए थे कि यह जेट में अपने शेयर 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करना चाहती है। यह चाहती है कि जैसे अजय सिंह को 2014 की शुरुआत में स्पाइस जेट को दोबारा खरीदने के दौरान कलानिधी मारन से छूट मिली थी, उसे भी वैसे ही छूट मिले। हालांकि, एतिहाद की मांग सरकार द्वारा पूरी की गई है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।’

जेट की हालत पतली हो गई है

जिन कंपनियों के ईओआई योग्य पाए गए हैं तथा पीएसयू, सरकार समर्थित फंड और आधे स्वामित्व वाली कंपनियां, 30 अप्रैल तक अपनी बोली लगा सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में जहां कुछ महीने लगेंगे, वहीं कर्जदाताओं ने 1,500 करोड़ रुपये का आपातकालीन फंड देने से इनकार कर दिया है, जिससे जेट की हालत पतली हो गई है। जेट अगले सोमवार दोपहर तक फिलहाल सिर्फ छह से सात विमानों को उड़ाएगी। इसकी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सोमवार तक रद्द कर दी गई हैं।

सर्विस के एक साल पूरा होने पर किसी भी विमानन कंपनी के बेड़े में कम से कम 5 विमान होने चाहिए और यह अनिवार्य नियम है। वहीं 26 साल पुरानी जेट सोमवार दोपहर तक अपना फ्लाइंग लाइसेंस दोबारा लेने की कोशिश करेगी, जब इसका मैनेजमेंट कर्जदाताओं को नए एसओएस भेजेगा। अगर वे कुछ फंड देने के लिए तैयार हो जाते हैं तो जेट के विमान उड़ान भर सकेंगे, नहीं तो इसके लिए आगे का रास्ता कभी भी बंद हो सकता है।

उधर, डीजीसीए ने जेट की 57 घरेलू और 15 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल क्लियर किया है। यह जेट की तरफ से दी गई जानकारी के आधार पर किया गया है, जिसने बताया है कि उसके पास 16 विमान हैं- जिनमें 7 बोइंग 777, एक एयरबस ए330, पांच टर्बोप्रॉप एटीआर और तीन बोइंग 737 शामिल हैं। हालांकि, इनमें से जेट के कुछ विमान की संचालित हो रहे हैं, जिसमें कोई अंतरराष्ट्रीय नहीं सिर्फ करीब 40 घरेलू उड़ानें हैं।

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