करतारपुर काॅरीडोर प्रोजैक्ट को लेकर भारत-पाक अफसरों की मीटिंग, ये हुआ फैसला

नई दिल्ली। पाकिस्तान के नोरवाल स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनाये जा रहे करतारपुर गलियारे की औपचारिकताओं और समझौते के मसौदे पर गुरुवार को भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने यहां सौहार्द्रपूर्ण माहौल में विचार-विमर्श किया।

बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों देशों के अधिकारी सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मिले। भारत की तरफ से बैठक में प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एस. सी. एल. दास ने की जबकि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई विदेश मंत्रालय के महानिदेशक डाॅ मोहम्मद फैजल ने की।

पुलवामा में 14 फरवरी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हमले में 40 से अधिक जवानों के शहीद होने और उसके बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविर पर हवाई कार्रवाई से दोनों देशों के बीच रिश्ते बहुत तल्ख हो गये थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच किसी मामले पर यह पहली बैठक हुई।

बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित समझौते के विभिन्न पहलुओं और प्रावधानों पर विस्तृत और रचनात्मक विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्ष करतारपुर साहिब गलियारे के काम को तेजी से पूरा करने पर सहमत हुए। दोनों तरफ से तकनीकी विशेज्ञयों ने भी प्रस्तावित गलियारे की एकरूपता रखने तथा उसे जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्ष अगली बैठक दो अप्रैल को वाघा में करने पर सहमत हुए। इससे पहले 19 मार्च को तकनीकी विशेज्ञयों की बैठक होगी।

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