पंजाबियों के ‘दिल’ की देखभाल को लेकर कैप्टन का बड़ा फैसला, अब PHC स्तर पर ही मिलेंगी ये सुविधाएं

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और वैलनैस्स केन्द्रों में ई.सी.जी. की सुविधा मुहैया करवाई जायेगी- ब्रह्म मोहिंद्रा

  • पिछले समय में 5000 की आबादी तक ई.सी.जी. की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई

  • लोग अब दिल संबंधी समस्याओं के लिए पी.एच.सी. स्तर पर चैकअप करवा सकते हैं

  • प्रशिक्षण प्राप्त 166 स्टाफ नर्सों को कम्युनिटी हैल्थ अफ़सर के तौर पर तैनात किया जाऐगा

  • गर्भवती महिलाओं को एमरजैंसी सेवाएं मुहैया करवाने के लिए डी.एम.सी. अस्पताल के साथ महीने में किया जायेगा समझौता

डेली संवाद, चंडीगढ़

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा है कि राज्य के नागरिकों को मानक स्वास्थ्य सेवाएंं मुहैया करवाने की दिशा की तरफ एक अहम कदम उठाते हुए अब से सूबे भर के सभी मूलभूत स्वास्थ्य केन्द्रों और वैलनैस्स केन्द्रों में ई.सी.जी. की सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी।

सूबे के सिविल सर्जनों की मासिक समीक्षा मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि हम मूलभूत स्वास्थ्य केन्द्रों और वैलनैस्स केन्द्रों में ई.सी.जी. की सहूलतें मुहैया करवाने के योग्य होंगे। उन्होंने कहा कि सूबे में पिछले समय के दौरान कभी भी ई.सी.जी. की सुविधा इन केन्द्रों में मुहैया नहीं करवाई गई है जबकि स्वास्थ्य वैलनैस्स केन्द्रों में 5000 की आबादी को और प्रारम्भिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 30,000 की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाती हैं।

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उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण इलाकों के लोग भी दिल की समस्याओं संबंधी स्वास्थ्य केन्द्रों में अपनी जांच करवा सकते हैं। वैलनैस्स केन्द्रों में मानक सेवाएं प्रदान करने की प्रक्रिया में मज़बूती लाने के लिए हरेक केंद्र में जल्द ही 166 स्टाफ नर्सों को कम्युनटी हैल्थ अफ़सर के तौर पर तैनात किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन सभी स्टाफ नर्सों को 12 आम बीमारियों संबंधी प्राथमिक सेवा प्रदान करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सिविल सर्जनों द्वारा पी.एन.डी.टी. एक्ट के अंतर्गत की गई जांच गतिविधियों के आंकड़ों की समीक्षा भी की गई। उन्होंने सिविल सर्जनों को निर्देश देते हुए जांच गतिविधियों में तेज़ी लाने के लिए कहा जिससे यहाँ ग़ैर- कानूनी लिंग निर्धारण टैस्टों की चैकिंग की प्रक्रिया में और सुधार लाया जा सके। उन्होंने सिविल सर्जनों को प्राईवेट अल्ट्रासाउंड और स्कैनिंग केन्द्रों की गतिविधियों पर पैनी नजऱ रखने के निर्देश दिए।

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स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात की सराहना की कि सूबे के और जिलों के मुकाबले पटियाला और मानसा में संंस्थागत प्रसूतियों की दर ज़्यादा है। उन्होंने सिविल सर्जनों को कहा कि वह लोगों को संंस्थागत प्रसूतियों के लिए अस्पतालों में आने के लिए प्रेरित करते हुए होम डिलिवरियों को घटाने के लिए यकीनी बनाएं। उन्होंने इस संबंधी लोगों को जागरूक करने और संस्थागत प्रसूतियों के लिए ए.एन.एम. और आशा वर्करों की सेवाएं ली जाएं।

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