आरोप : इंस्पैक्टर ने मांगी 10,000 की रिश्वत, पूर्व मेयर को आया गुस्सा…फिर मौके पर हुई धुनाई, क्या इंस्पैक्टर को यह तीन मंजिला अवैध निर्माण नहीं दिखता?

डेली संवाद, जालंधर

नगर निगम जालंधर के कौंसलरों और अफसरों के बीच उठा विवाद अभी थमा नहीं है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जालंधर के पूर्व मेयर और निगम अफसरों के बीच बवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि पूर्व मेयर सुरेश सहगल ने अवैध निर्माण रोकने पहुंचे इंस्पैक्टर दिनेश जोशी की पिटाई की है। आरोप यह भी है कि इंस्पैक्टर दिनेश जोशी ने मकान मालिक से 10,000 रुपए रिश्वत मांगी थी।

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मकान मालिक ने इसकी जानकारी पूर्व मेयर सुरेश सहगल को दी। सहगल मौके पर पहुंचे तो इंस्पैक्टर में कहासुनी हो गई। मकान मालिक ने आरोप लगाया कि इंस्पैक्टर ने उससे 10,000 रुपए रिश्वत मांगी। पूर्व मेयर सुरेश सहगल के मुताबिक उनके क्षेत्र फगवाड़ा गेट में गरीब ब्राह्मण परिवार नानकशाही ईंटें निकाल कर नई दीवार बना रहे थे। जिस बारे नोटिस आया था।

पूर्व मेयर ने आरोप लगाया कि बिल्डिंग इंस्पैक्टर द्वारा बिल्डिंग मालिक से 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इस जगह के आगे मेन रोड पर 3 दुकानें बनी हुई हैं। अगर इस स्थान को कब्जा बताया जा रहा है तो वे 3 दुकानें भी कब्जे वाले स्थान पर बनी होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।

इंस्पैक्टर को ये अवैध निर्माण नजर क्यों नहीं आता

हैरानी की बात तो यह है कि यहां भगत सिंह चौक के आगे तीन मंजिला कामर्शियल अवैध निर्माण करवा कर लैंटर डाला जाता है, लेकिन इंस्पैक्टर महोदय को यह कामर्शियल निर्माण नजर नहीं आता। इलाके के लोगों ने कहा है कि इंस्पैक्टर पैसे लेकर अवैध रूप से तीन मंजिला कामर्शियल इमारत खड़ी करवा रहे हैं, उन्हें रोकना वाला कोई नहीं है। और कोई गरीब पुराना घर बनाने लगे तो रुकवाने पहुंच जाते हैं।

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